पेट साफ करने के लिए 10 रामबाण उपाय

पेट साफ करने के लिए घेरेलू उपाय

हमारे शरीर में ज्यादा बीमारियों की शुरुआत पेट से शुरू होती है कयोंकि अगर पेट की सफाई अच्छे से ना हो तो हमारा पेट खराब रहेगा.इसलिए हर रोज पेट साफ करना बहुत जरूरी है .अगर आपका पेट आसानी से साफ नहीं होता तो इसके लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर अपने पेट की सफाई कर सकते हो. 

शहद और नींबू का प्रयोग रात को सोने से पहले हल्का गर्म पानी लें और उसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पीकर सो जाएं सुबह आपका पेट बहुत आसानी से साफ हो जाएगा. यह प्रयोग हर रोज करना होगा इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है.

अरंडी का तेल यह बाजार से बहुत आसानी से मिल जाता है. इसको हम कैस्टर ऑयल भी बोलते हैं.यह पेट साफ करने के लिए बहुत ही मददगार नुस्खा है.आप एक चम्मच रात को आयल को हल्के गर्म दूध में मिलाकर लेने से आपका पेट बहुत आसानी से साफ हो जाएगा. ध्यान रहे यह प्रयोग बच्चों पर ना करें यह 18 साल से ज्यादा उम्र वाले ही इस प्रयोग को कर सकते हैं ,और ना ही गर्भवती महिलाएं इस प्रयोग को करें.

कबज से बचने के लिए ऐसी ज्यादा ऐसी चीजें खाएं जिनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में पाया जाता है.जैसे पत्तेदार सब्जियां, फल और सलाद, पपीता, अमरूद को हमेशा गोल काटकर ही खाएं तब वो पेट को जल्दी साफ करता है.अमरूद को कभी भी लंबाई में ना काटे यह एक अनभुव किया हुआ फार्मूला है.पेट साफ करने के लिए इसको गोलाकार आकार में काटते हैं.साथ में पेट साफ करने के लिए जुस और तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा लें. नारियल पानी पीने से भी पेट साफ होने में बहुत ज्यादा मदद मिलती है.

अलसी के बीज…अलसी के बीज भी रात को आप हल्के गर्म दूध के साथ एक चम्मच का सेवन कर सोए सुबह उठते ही आपका पेट साफ हो जाएगा.

गर्म पानी का प्रयोग आप सुबह उठते ही दो गिलास अच्छे हलके गर्म पानी पिए और उसके पीने के बाद आधे घंटे बाद एक कप चाय पी ले आप इस प्रयोग को करके देखना आधे घंटे बाद ही आपका पेट बहुत आसानी से साफ हो जाएगा यह एक अनुभव किया हुआ प्रयोग है. 

पेट साफ करने के लिए शरीर में अच्छे बैक्टीरिया का होना बहुत जरूरी है, इसलिए हर रोज दही का सेवन करें अपने डाइट में एक बड़ा कप दही जरूर शामिल करें.

त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद में त्रिफला चूर्ण को पेट साफ करने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण औषधि माना गया है.आप 5 से 6 ग्राम त्रिफला चूर्ण 100 ग्राम हल्के दूध गर्म दूध के साथ ले आप इसे हल्के गर्म पानी के साथ भी ले सकते हैं. यह पेट को साफ करने के लिए बहुत ही कारगर उपाय है.

बेकिंग सोडा भी कब्ज को खोलने में बहुत ही असरदार उपाय है जो हमारे पेट को साफ करने के लिए आप एक गिलास हल्के गरम पानी के साथ ले आधा चम्मच बेकिंग सोडा पानी में  मिलाएं और उसको पीलें यह उपाय  भी पेट को बहुत आसानी से साफ कर देता है.

पेट साफ करने के लिए हरड का भी प्रयोग कर सकते हैं.आप देसी हरड़ ले उनको देसी घी में भून लें और भूनने के बाद पीसकर पाउडर बना लें और रात को एक चम्मच  दुध के साथ यह पाउडर कर लेकर सोए. सुबह उठते ही आपका पेट बहुत आसानी से साफ हो जाएगा.यह भी एक अनुभव किया हुआ प्रयोग है.

सेब का सिरका पेट साफ करने के लिए सेब के सिरके का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. सेब के सिरके में मौजूद तत्व पेट में एसिड बनने वाली समस्या से निजात दिला सकते हैं. आप सुबह उठकर हल्के गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीले कुछ ही देर बाद आपका पेट साफ हो जाएगा. सेब का सिरका हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता और आंतों की सफाई के लिए कारगर उपाय है यह हमारे शरीर से विषैले पदार्थों को निकालकर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है .

पेट साफ करने का घरेलू उपाय समुद्री नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं समुद्री नमक हमारे पेट को साफ करने और कब्ज को दूर करने में मदद करता है. एक चम्मच समुद्री नमक गर्म पानी में मिलाकर पिए. आधे घंटे बाद आपका पेट साफ हो जाएगा इसका इस्तेमाल गर्म पानी के साथ ही कर सकते हैं. यह नमक लेने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल आते हैं ,यह पाचन तंत्र को ठीक रखता है. ऐलोवेरा का जूस का भी प्रयोग कर भी हम कबज से मुक्ति पा सकते हैं जो हमारे पाचन तंत्र के लिए बहुत ही गुणकारी औषधि है .

हमारे शरीर का पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए पेट का साफ होना बहुत जरूरी है. वरना हमारे शरीर में कुछ ऐसे विषैले पदार्थ जम जाएंगे जिनसे हमारी पाचन प्रक्रिया पर बहुत बुरा असर पड़ता है. और मल मूत्र के निकासी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलनी चाहिए तभी हम स्वस्थ रह सकते हैं. अगर गंदगी अंदर ही रहेगी तो उससे हमारे अंदर बीमारियां पनपने लग जाती है और पेट साफ ना होने के कारण अकसर पेट की गैस होने के कारण सिर दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है.अगर आप को इन उपायों को करने के बाद भी समस्या हल ना हो तो अपने डाक्टर से सलाह जरूर करें और यह सारे उपाय आयुर्वेद से लिये गये है.

केला खाये और सवस्थ रहे ☆ ☆

केला एक गुण अनेक

केले मे गुण भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं यह फल पुरे साल आसानी से मील जाता है। 

केला एक गुण अनेक

● यह फल हमारे पेट की सफाई के लिए बहुत मददगार साबित होता है।

● त्वचा में होने वाली जलन या मच्छर काटने पर केले के छिलके के अंदर के भाग को उस जगह पर रगड़ा जाए जहां जलन हो रही है तो मच्छर काटने की लाली और जलन  दूर हो जाएगी 

 ● केले के सेवन से शरीर और दिमाग दोनों को बहुत ज्यादा लाभ मिलता है। केला हमारी याददाश्त को बढ़ाने में भी मददगार होता है।

● जो लोग बहुत ज्यादा धूम्रपान करते हैं उनको केला खाने से धूम्रपान छोड़ने में मदद मिलती है, उन्हें थोडी थोड़ी अंतराल के बाद केले का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर को निकोटीन के प्रभाव से मुक्त करने में मदद मिल सके।

● केले में आयरन ज्यादा होने के कारण एनीमिया रोग से इसका नियमित सेवन करने से खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है। 

अगर आप केले को काट कर देखना है थोड़ी देर बाद ही केल का रंग काला पड़ जाता है।

 ● इसमें आयरन बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है केले के सेवन करने से अनिमिया की कमी को दूर किया जा सकता है। 

● केले के छिलके से फेस मास्क का काम करता है और चेहरे के दाग-धब्बे साफ हो जाते हैं।

 ● केले के अंदर के भाग को गर्दन और चेहरे पर थोड़ा-सा नींबू मिलाकर साफ कर सकते हैं। यह एक घेरेलू मास्क हमारी तवचा के लिए। 

● अगर आप बहुत पतले हैं तो आप दो केले सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें यह हमारे दुबलेपन को भी दूर करता है।

● केले में भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो हमारी पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है । 

● अगर आप हर रोज खाने में केले का सेवन कर रहे तो आपकी पाचन क्रिया बहुत अच्छी हो जाएगी। 

● ऐसा माना जाता है कि हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए केला खाना बहुत अच्छा होता है।

● हाई बीपी के मरीजों के लिए केला खाना बहुत  ज्यादा अच्छा माना गया है। 

● आयुर्वेद के अनुसार ऐसा माना जाता है  कि केला आपकी भूख को कंट्रोल करता है। जब आपको बार-बार भूख लगती है तो इस समय पर आप दो केले जरूर खाएं। कभी भी भुलकर एक केला ना खाएं।

● एक केला खाने से कब्ज हो जाती है। जब भी खाएं दो केले एक साथ खाएं।

जिसकी वजह से भूख नहीं लगेगी और थोड़ी देर बाद कुछ खाने की आदत पर आपका कंट्रोल हो जाएगा। 

● केले में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है ,जो हमारे दिमाग की यादयाशत को बेहतर बनाता है। 

● यह हमारी नींद के लिए भी बहुत अच्छा माना गया है केला खाने के बाद आपको अच्छी नींद आएगी और आपका दिमाग तंदुरुस्त होगा।

 ● केला गुलकोज से भरपूर होता है, जो हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है इसमें 75% जल होता है। इसके अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, लोहा और तांबा  इसमें में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जो हमारी शरीर और त्वचा के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

● इसलिए हर रोज दो केले जरूर खाएं पेट की सफाई के लिए केला बहुत ही लाभदायक होता है। साथ में कब्ज की शिकायत को दूर करने में केला मददगार होता है।

●मुंह में छाले हो जाने की स्थिति में गाय के घी में मिलाकर दही के साथ केले का सेवन करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।

 ● गर्मी के मौसम में नकसीर चलने के कारण  पका हुआ केला शक्कर मिले दूध के साथ सेवन करने से एक हफ्ता खाने के बाद ही नकसीर आना बंद हो जाता है।

 ● शरीर के किसी भाग के जलने पर पके हुए केले के गूदे को मरहम  बनाकर लगाने से तुरंत राहत मिलती है। 

● केला हमारे लिए 1 घरेलू मास्क भी है पके हुए केले को आप थोड़ा सा शहद मिलाकर मुंह पर मास्क बनाकर लगाए जो हमारी डेड त्वचा को खत्म करता है और झुर्रियों को  भी कम कर देता है। जिससे त्वचा में कसाव भी आ जाता है इसके प्रयोग से चेहरे पर चमक आ जाती है ।

केला एक ऐसा फल है जो हर मौसम में बहुत आसानी से मिल जाता है। इसलिए केले में बहुत ज्यादा पोस्टिक और बहुत सारे गुण पाए जाते हैं, साथ में यह ऊर्जा का एक अच्छा विकल्प है। लेकिन इसके अलावा केले में और  बहुत सारे गुण होते हैं जो मैंने आपके साथ शेयर किए हैं।

हर रोज केला खाएं और अपने जीवन को स्वस्थ बनाएं स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है अगर शरीर स्वस्थ है तो जीवन स्वस्थ है। स्वास्थय से बड़ा कोई धन नहीं। 

संतरे के छिलके से कैसे करे रगं गोरा ☆

संतरे के छिलकों से कैसे करे रगं गोरा
आइए जानते हैं संतरे के छिलके से कैसे रंग को गोरा किया जा सकता है. संतरे का सेवन करने से और संतरे का पेक लगाने से हमारी त्वचा की रंगत में बहुत जल्दी निखार आ जाएगा यह एक अनुभव किया हुआ प्रयोग है.संतरे में सबसे जयादा  विटामिन डी भरपूर मात्रा मे पाया जाता है .और विटामिन सी भी यह फल गुणों से भरा हुआ है इस में पोषक तत्वों की भरमार है .संतरा हमारी त्वचा और सेहत के लिए दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है. इसका छिलका भी इतना ही गुणकारी है जितना यह खाने के लिए गुणकारी है. जिसकी गुण  किसी औषधि से कम नहीं है, अगर आपकी त्वचा की रंगत काली पड़ रही है और मुरझाई हुई त्वचा है यानी डेड स्किन तो आप परेशान मत हो आप संतरे के छिलके की मदद से वापस अपनी रंगत का निखार वापस ला सकते हो. जी हां संतरे के छिलके से इस प्रॉब्लम से लड़ने में मदद कर सकता है. इसके लिए आप संतरे के छिलके का मास्क बनाकर तैयार कर लें इस मास्क को आप हर रोज चेहरे पर नहाने से पहले 10 मिनट लगा सकते हो. अगर आपकी त्वचा पर किसी तरह के काले धब्बे झाइयां या ब्लैकहेड हो तो ये उपाय इनको जड़ से खत्म कर देता हैं. चलिए मैं आपको बता देती हूं कि किस तरह से संतरे के छिलके का फेस मास्क बनाएं|| 

कैसे बनाएं संतरे के छिलके से फेस मास्क संतरे के छिलके बहुत आसानी से मिल जाते हैं.यह फल ज्यादातर पूरे साल मिलता ही रहता है इसके छिलके उतारकर आप रख लें इसको धूप में सुखा लें और सूखने के बाद इनको आप पीसकर पाउडर बना लें. अब उस पाउडर में थोड़ा सा कच्चा दूध या दही मिलाकर पूरे चेहरे और गर्दन पर फैलाकर लगा लें और 20 मिनट तक लगा रहने दें और इस मासक को आप ऐसे मत उतारे थोड़ा रगड़ कर उतारना चाहिए ताकि आप की जो डेड स्किन है वह भी निकल जाए. इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जिसे पिंपल्स कम होते हैं. आप कुछ आसान से टिप्स और इंडिकेट्स अपनाकर फेस मास्क तैयार कर सकते हैं. इस पैक में आप थोड़ी सी हल्दी भी मिला सकते हैं.
संतरे के पावडर के साथ आप हल्दी भी मिलाकर लगा सकते हो. हल्दी गुणों से भरपूर होती है जो हमारी त्वचा के लिए बहुत अच्छी है इस पैक को तैयार करने के लिए एक चम्मच संतरे के छिलके को बना पाउडर लें और हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाकर पूरे चेहरे पर थोड़ा सा गुलाब जल भी मिला लें और 10 मिनट तक लगा रहने दे.अब चेहरे को पानी से धो लें चेहरा धोने के बाद आप चेहरे पर कोई क्रीम या लोशन जरूर लगाएं ताकि स्किन पर ड्राइनेस ना आए इससे करने से आपके चेहरे पर एक हफ्ते में ही रंगत में निखार आ जाएगी और मरी हुई त्वचा दूर हो जाएगी यह एक बहुत ही गुणकारी और अनुभव किया हुआ प्रयोग है. संतरे के छिलकों में विटामिन डी का गुण पाया जाता है, और विटामिन सी  हमारी त्वचा बहुत ही लाभकारी है कयोंकि विटामिन सी हमारे शरीर में जमा नहीं हो सकता जो हर रोज खाने की खट्टी चीजों से प्राप्त किया जा सकता है जैसे निंबू ,दही और संतरा इनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारी त्वचा और सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी है.

गिलोय एक फायदे अनेक …

गिलोय एक फायदे अनेक….☆☆

गिलोय की बेल


आप सब ने गिलोय के बारे में अनेक बातें सुनी होंगी और शायद गिलोय के कुछ फायदों के बारे में भी जानते होंगे, लेकिन शायद आपको गिलोय के बारे में इतनी जानकारी नहीं होगी, जितनी मैआपको बताने जा रही हूँ .
गिलोय के बारे में आयुर्वेद और हमारे ग्रंथों में बहुत सारी फायदेमंद बताई गई हैं.आयुर्वेद में तो इसे रसायन माना गया है जो स्वास्थ्य के लिएबहुत ही गुणकारी है.

गिलोय के पत्ते स्वाद में कसैले, कड़वे और तीखे होते हैं. गिलोय का उपयोग कर वात-पित्त और कफ को ठीक किया जा सकता है. यह पचने में आसान होता है, भूख बढ़ाती है, साथ ही आंखों के लिए भी लाभकारी होती है. आप गिलोय के इस्तेमाल सेकिसी भी तरह का बुखार , जलन, डायबिटीज, कुष्ठ और पीलिया रोग में लाभ ले सकते हैं. इसके साथ ही यह वीर्य और बुद्धि बढ़ाती है और उलटी, सूखी खाँसी, हिचकी, बवासीर, टीबी, मूत्र रोग में भी प्रयोग की जाती है.महिलाओं की शारीरिक कमजोरी की स्थिति में यह बहुत अधिक लाभ पहुंचाती है.

गिलोय क्या है :-
गिलोय का नाम आप सब ने सुना होगा लेकिन क्या आपको गिलोय की पहचान है कि ये देखने में कैसा होता है.गिलोय की पहचान और गिलोय के औषधीय गुण के बारे में जानने के लिए चलिये विस्तार से चर्चा करते हैं।
गिलोय के नाम अमृता, अमृतवल्ली अर्थात् कभी न सूखने वाली एक बड़ी लता है. इसका तना देखने में रस्सी जैसा लगता है। इसके कोमल तने तथा शाखाओं से जडें निकलती हैं. इस पर पीले रंग के फूलों के गुच्छे लगते है. इसके पत्ते कोमल तथा पान के आकार के और फल मटर के दाने जैसे होते हैं.
यह जिस पेड़ पर चढ़ती है, उस वृक्ष के कुछ गुण भी इसके अन्दर आ जाते हैं। इसीलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय सबसे अच्छी मानी जाती है.
आयुर्वेद के अनुसार गिलोय नुकसानदायक बैक्टीरिया से लेकर पेट के कीड़ों को भी खत्म करती है. यह टीबी रोग का कारण बनने वाले वाले जीवाणु की वृद्धि को रोकती है. आंत और यूरीन सिस्टम के साथ-साथ पूरे शरीर को प्रभावित करने वाले रोगाणुओं को भी यह खत्म करती है.

गिलोय के गुण …. और गिलोय के फायदे बहुत तरह के बीमारियों के लिए उपचार स्वरूप इस्तेमाल किया जाता है लेकिन कई बीमारियों में गिलोय के नुकसान से भी सेहत पर असर पड़ सकता है.इसलिए गिलोय का प्रयोग करने से पहले इसकी सही मात्रा और तरीका का ज्ञान होना चाहिए.

आँखों के रोग में फायदेमंद रोगों के लिए बहुत लाभ कारी है पर मैं आपको यह भी सुझाव दूंगी की आखों के लिए भूलकर भी घेरेलू प्रयोग ना करे कयोंकि यह हमारे शरीर का सबसे नाजुक अगं है. आखों की अगर कोई भी समस्या हो तो डाक्टर की सलाह सबसे पहले ले.

गिलोय रस में त्रिफला मिलाकर काढ़ा बनायें। 10-20 मिली काढ़ा में एक ग्राम पिप्पली चूर्ण व शहद मिलाकर सुबह और शाम सेवन करने से आँखों की रौशनी बढ़ जाती है।.गिलोय का सेवन करते समय एक बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि इसका सही मात्रा और सही तरह से सेवन करने पर ही गिलोय के फायदे का सही तरह से उपचार आँखों को मिल सकता है।

कान की बीमारी में फायदेमंद
गिलोय के तने को पानी में घिसकर गुनगुना कर लें। इसे कान में 2-2 बूंद दिन में दो बार डालने से कान का मैल निकल जाता है.

हिचकी को रोकने के लिए
गिलोय तथा सोंठ के चूर्ण को नसवार की तरह सूँघने से हिचकी बन्द होती है. गिलोय चूर्ण एवं सोंठ के चूर्ण की चटनी भी बनाकर खा सकते इससे पेट के कीड़े मर जाते है .

टीबी रोग में फायदेमंद
गिलोय का औषधीय गुण टीबी रोग के समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते हैं लेकिन इनको औषधि के रुप में बनाने के लिए इन सब चीजों के साथ मिलाकर काढ़ा बनाने की ज़रूरत होती है। अश्वगंधा, गिलोय, शतावर, दशमूल, बलामूल, अडूसा, पोहकरमूल तथा अतीस को बराबर भाग में लेकर इसका काढ़ा बनाएं। 20-30 मिली काढ़ा को सुबह और शाम सेवन करने मतलब टीबी की बीमारी ठीक होती है. इसको पिने के बाद दूध का सेवन करना चाहिए.

गिलोय के सेवन से उल्टी रुकती है
एसिडिटी के कारण उल्टी हो तो 10 मिली गिलोय रस में 4-6 ग्राम मिश्री मिला लें। इसे सुबह और शाम पीने से उल्टी बंद हो जाती है.

गिलोय के सेवन से कब्ज का इलाज
गिलोय के औषधीय गुणों के कारण उसको 10-20 मिली रस के साथ गुड़ का सेवन करने से कब्ज में फायदा होता है। सोंठ, मोथा, अतीस तथा गिलोय को बराबर भाग में कर जल में खौला कर काढ़ा बनाएं। इस काढ़ा को 20-30 मिली की मात्रा में सुबह और शाम पीने से अपच एवं कब्ज की समस्या से राहत मिलती है .और साथ में एसिड को नही बनने देती है .

गिलोय के इस्तेमाल से बवासीर का इलाज हरड़, गिलोय तथा धनिया को बराबर भाग लेकर आधा लीटर पानी में पका लें। जब एक चौथाई रह जाय तो काढ़ा बना लें. इस काढ़े में गुड़ डालकर सुबह और शाम पीने से बवासीर की बीमारी ठीक होती है.

पीलिया रोग में गिलोय से फायदा
गिलोय के औषधीय गुण पीलिया से राहत दिलाने में बहुत मदद करते हैं। गिलोय के फायदे ‍का लाभ उठाने के लिए सही तरह से प्रयोग करना भी ज़रूरी होता है।

गिलोय के 20-30 मिली काढ़ा में 2 चम्मच शहद मिलाकर दिन में तीन-चार बार पिलाने से पीलिया रोग में लाभ होता है.
गिलोय के तने के छोटे-छोटे टुकड़ों की माला बनाकर पहनने से पीलिया रोग में लाभ मिलता है.


लीवर विकार को ठीक करता है गिलोय 15 ग्राम ताजी गिलोय, 2 ग्राम अजमोद, 2 नग छोटी पीपल एवं 2 नग नीम को लेकर सेक लें। इन सबको मसलकर रात को 250 मिली जल के साथ मिट्टी के बरतन में रख दें। सुबह पीस, छानकर पिला दें। 15 से 30 दिन तक सेवन करने से लीवर व पेट की समस्याएं तथा अपच की परेशानी ठीक हो जाती है .

डायबिटीज को ठीक करती है गिलोय का उपयोग
गिलोय जिस तरह डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद होता है लेकिन जिन्हें कम डायबिटीज की शिकायत हो, उन्हें गिलोय के नुकसान से सेहत पर असर भी पड़ सकता है.
गिलोय, खस, पठानी लोध्र, अंजन, लाल चन्दन, नागरमोथा, आवँला, हरड़ लें। इसके साथ ही परवल की पत्ती, नीम की छाल तथा पद्मकाष्ठ लें। इन सभी द्रव्यों को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर, छानकर रख लें। इस चूर्ण को 10 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें। इससे डायबिटीज में लाभ होता है।

10 मिली गिलोय के रस को पीने से डायबिटीज, वात विकार के कारण होने वाली बुखार तथा टायफायड में लाभ होता है.बुखार के लिए बहुत ही लाभदायक है गिलोय का प्रयोग.


गठिया में फायदेमंद गिलोय का 5-10 मिली रस अथवा 3-6 ग्राम चूर्ण या 10-20 ग्राम पेस्ट या फिर 20-30 मिली काढ़े को रोज कुछ समय तक सेवन करने से गिलोय के फायदे पूरी से मिलते हैं और गठिया में अत्यन्त लाभ होता है, सोंठ के साथ सेवन करने से भी जोड़ों का दर्द मिटता है.


बुखार उतारने के लिए गिलोय से लाभ
40 ग्राम गिलोय को अच्छी तरह मसलकर, मिट्टी के बरतन में रख लें। इसे 250 मिली पानी मिलाकर रात भर ढककर रख लें। इसे सुबह मसल-छानकर प्रयोग करें। इसे 20 मिली की मात्रा दिन में तीन बार पीने से पुराना से पुराना भी बुखार ठीक हो जाता है.
गिलोय के रस में एक ग्राम पिप्पली तथा एक चम्मच मधु मिला लें। इसे सुबह और शाम सेवन करने से पुराना बुखार, कफ, तिल्ली बढ़ना, खांसी,जैसे रोग ठीक हो जाते हैं.


एसिडिटी की परेशानी ठीक करता है गिलोय
गिलोय के 10-20 मिली रस के साथ गुड़ और मिश्री के साथ सेवन करने से एसिडिटी में लाभ होता है.
दिल में दर्द के लिए गिलोय का सेवन फायदेमंद
काली मिर्च को गुनगुने जल के साथ सेवन करने से सीने का दर्द ठीक होता है। ये प्रयोग कम से कम सात दिनों तक नियमित रूप से करना चाहिए.
कैंसर में फायदेमंद गिलोय का उपयोग
ब्लड कैंसर के रोगियों पर गेहूँ के ज्वारे के साथ गिलोय का रस मिलाकर सेवन कराया गया, इससे बहुत लाभ हुआ. आज भी इसका प्रयोग किया जा रहा है और इससे रोगियों को बहुत लाभ होता है।

अधिक लाभ के लिए अपने डाक्टर से सलाह जरूर करें.

गिलोय के नुकसान
गिलोय के लाभ की तरह गिलोय के नुकसान भी हो सकते हैंः-

गिलोय डायबिटीज कम करता है। इसलिए जिन्हें कम डायबिटीज की शिकायत हो, वे गिलोय का सेवन ना करें.
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को इस दौरान भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए .

सफर में उलटीयो से बचने के लिए करे घेरेलू उपाय ☆☆

अगर सफर के दौरान उल्टियां और जी मचलता है,तो इन उपायों से मिलेगा छुटकारा..

सफर में उलटी से बचने के लिए घेरेलू उपाय….

सफर करना किसे पसंद नहीं होता लेकिन कुछ लोगों को सफर के दौरान उलटी होने वाली problem शुरू हो जाती है जिसकी वजह से वे सफर करने में हिचकिचाते है.अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है और सफर के दौरान आपको चक्कर आना, जी मचलना और उल्टियां आने जैसी परेशानी होती है तो, ये उपाय आपके बहुत काम आएंगे

॰ सफर के दौरान आप मुंह में छोटा सा अदरक का टुकड़ा रख ले या इस फ्लेवर की कोई टॉफी रख लीजिए, इससे आपको जी मचलने की समस्या नहीं होगी.

॰ यदि आप कार में सफर कर रहे हैं तो किताबों से दूर रहें क्योंकि इन्हें पढ़ने व मोबाइल पर भी कुछ देखने से चक्कर आने लगते हैं.

• कुछ चीजों की खुशबू भी सफर के दौरान होने वाली परेशानियों को दूर कर सकती है। आप रुमाल पर पुदीने के तेल की कुछ बूंदे छिड़क लें और बीच-बीच में इसे सूंघते रहें, साथ ही आप चाहे तो पुदीने वाली चाय भी पी सकते हैं. इससे आपको उलटी आने की समस्या नही होगी.

• सफर पर निकलने से पहले अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें, न तो भूखे रहें और ना ही बहुत ज्यादा खाकर सफर पर निकलें जो भी खायें तो हल्का खाना खाकर ही सफर करना शुरू करे.मिर्च-मसाले वाली चीजों को खाने से दूर रहें क्योंकि ऐसी चीजों को पचने में समय लगाता है. यदि सफर में लम्बा है तो उल्टियां व जी घबराना जैसे परेशानी आ सकती है.

• अगर किसी व्यक्ति को कार से सफर करते समय अधिक उल्टीयां आतीं हैं तो कोशिश करें की आगे वाली सीट पर बैठें. इससे आपको उल्टियां आना व जी घबराने जैसे परेशानी कम होगी दाये बाये ना देखकर सिर्फ सामने देंखे.

• सफर के दौरान उल्टी से बचने के लिए कार की सीट पर अखबार रखकर बैठ जाए ऐसा करने से भी सफर में उल्टीया नहीं आती. यह कई लोगों का अनुभव किया हुआ प्रयोग है.
• सफर में उलटी से बचने के लिए आप लिमका भी पी सकते हो कयोंकि हमे कार या बस मे बैठने के बाद एसिड बनना शुरू हो जाता है जो लिमका ( limcka) एसिड को डकार के जरिए बाहार निकाल देता है .ऐसे उपाय करके हम सफर में उलटी से बच सकते हैं .

आयुर्वेद अपनाऔ और कोरोना वायरस को भगाओ

आयुर्वेद अपनाऔ और कोरोना वायरस को घर से भगाओ

कोरोना वाइरस से बचने के लिए सरल और घेरेलू उपाय और घेरेलू उपाय कोरोना वायरस से आयूर्वेद प्रेमियों को घबराने की जरूरत नहीं है. शुद्ध सात्विक आहार विहार का पालन करे. और बीमारी से डरे नहीं डरना है तो भगवान् से डरो

गिलोय और तुलसी का काढा बनाकर नियमित सेवन करें. यही दोनों औषध किसी भी तरह के infection से बचाने के लिए पर्याप्त है. याद रहे किसी भी वायरस को नष्ट नहीं किया जा सकता है. लेकिन स्वयं का प्रतिरोधक तंत्र इतना मजबूत कर सकते हैं कि यह वायरस हानि ना कर सके.और हमें मोत के मुह में ना जाने दे. इस काम के लिए गिलोय और तुलसी पर्याप्त हैं।
गिलोय की 6 – 7 इंच लंबे तने को रस निकाल लें.और तुलसी की पत्तियों को पीसकर शुद्ध शहद मिलाकर चाट लें. या काढा बना ले औ, साथ में एक दो काली मिर्च मिला लें. ये सब करने से ही इम्यून सिस्टम बे‍हतर होने लगेगा.
यदि किसी के पास गिलोय और तुलसी नही है ,तो बाजार से अच्छी फार्मेसी की तुलसी घनवटी और गिलोय सत्व ले आये . दो गोली तुलसी घनवटी की चबाकर ऊपर से एक ग्राम गिलोय सत्व मिला हुआ शहद चाट लें.
कोरोना ही नहीं किसी भी प्रकार के वायरस के प्रति अभेद्द्य सुरक्षा कवच इन दोनों के सेवन से मिल जाता है.

इसके लिए दूसरा प्रयोग अपने इम्यून सिस्टम को तंदुरुस्त रखने के लिए नियमित तौर से उचित मात्रा में आंवला, एलोवेरा, गिलोय और नींबू का जूस पी पीना चाहिए जो हमारे प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.

3. कोरोना वायरस से लड़ने के लिए और अपने इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीने से भी लाभ मिलता है .

अपने इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए और अपने घर के वातावरण को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए आप नियमित तौर पर नीम की पत्ती है और गूगल की धूप और देवदार और कपूर की धूप जरूर जलाएं. इसके जलाने से घर के आस-पास फैलने वाले बैक्टीरिया को रोकने मदद मिलेगी .
अगर आप चाय पीने के बहुत शौकीन हैं तो अपनी चाय में 10।या 12 तुलसी के पत्ते और 5, 7 काली मिर्च और थोड़ी दालचीनी आदि मिलाकर चाय बना कर पिए तो आपको रोगों के साथ लड़ने में मदद करेगी .और साथ में हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाएगी.

इसके अलावा कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने आपको घर में रखे और अपने हाथों की और घर की सफाई का पूरा ध्यान रखें .
सबसे बड़ा काम अपने आप को दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखें ताकि हम किसी के संपर्क में ना आए और बीमारी को घर ना लाएं .

गर्मी में कैसे करे देखभाल तवचा के लिए

गर्मियों में हमारी त्वचा का बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है । आइए जानते हैं कैसे बचाव करें धूप से, सूरज की तपिश के कारण सनस्क्रीन काफी प्रभावी माना जाता है इसके अलावा अगर आप बाहर निकल रहे हो तो सिर पर दुपट्टा या छाता लेकर चले कयोंकि 12:00 से 4:00 बजे तक घर में रहना अच्छा है। अगर आपकी कोई मजबूरी है घर से बाहर जाना है तो पहले अपने आप को पूरी तरह से ढक लें और तभी बाहर जाएं।

गर्मी में कैसे करे देखभाल

सूर्य की तेज किरणों की वजह से हमारी स्किन काली पड जाती है। घर से निकलते समय सन स्क्रीन लोशन जरूर इस्तेमाल करें। सूरज के सीधे प्रभाव आने के कारण हमारी स्किन में मेलानिन की मात्रा बढ़ जाती है जो हमारी रंगत को प्रभावित करती हैं।

सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों मेलानिन जब त्वचा के निचले हिस्सों में पैदा होने के बाद ऊपरी बाहरी हिस्सों तक पहुंचता है तो त्वचा की रंगत काली पड़ जाती है ।

गर्मी आ गई है यह मौसम त्वचा के लिए बहुत बड़ी चुनौती को लेकर आता है जैसे ही मौसम बदलता है तो हमारी स्किन एकदम रगं बदलना शुरू हो जाता है ।ऐसे में स्किन को आप कैसे संभाल कर रखें और कया करे ताकी त्वचा चमकदार और हेल्दी बनी रहे आइए जानते हैं कुछ टिप्स इसके लिए …

गर्मी के दिनों में त्वचा में रूखी मुरझाई हुई और बेजान हो जाती है। तो तवचा का रगं सामान्य से ज्यादा गहरा काला हो जाता है, क्योंकि इस मौसम में हमारी स्किन में नमी की कमी आ जाती है , इन दिनों हमारी स्क्रीन के लिए सनस्क्रीन लोशन काफी प्रभावी माना जाता है। आप किसी अच्छी कंपनी का सनस्क्रीन लोशन जरूर लगाएं तभी बाहर निकले इसके अलावा आप टोपी पहने, छाता लेकर या दुपट्टा औढ कर ही बाहर निकले।

अगर आपको घर से निकल ना पड़े तो सूरज की गर्मी से बचाव करने के लिए बाजार में बहुत सारे सनस्क्रीन लोशन है उनका इस्तेमाल जरूर करें। अगर आपकी त्वचा स्किन गर्मी के कारण झुलस गई है तो आप घरेलू स्क्रब का इस्तेमाल जरूर करें। जैसे थोड़ा सा बेसन और मलाई लेकर आप नहाने से पहले इसको 10 मिनट तक रखें और चेहरा पानी से धो लें ऐसा करने से आप की मरी हुई स्किन बाहर आ जाएगी और जो डेड सेल्स हैं वह हट जाएंगे ,और उसमें तवचा में निखार आ जायेगा।

हमारे घर में किचन में कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं जिनको हम आसानी से स्क्रब बना सकते हैं। हमारी रसोई में अनेक ऐसे उत्पाद है जो झुलसी त्वचा को ठीक करने के सीधे तौर पर लगाया जा सकते हैं।

त्वचा की देखभाल के टिप्स सारा दिन बाहर काम करने के बाद शाम को आप चेहरे पर कुछ बर्फ के टुकड़ों को रखिए इससे झुलसी हुई त्वचा को राहत मिलेगी और उससे हमारी स्किन में नमी बढ़ेगी।

चेहरे पर आप शहद और मलाई का पेस्ट बनाकर लगाएं जो झुलसी त्वचा को ठीक करने में मदद करेगी और सनबर्न के नुकसान को कम करने के लिए अपने चेहरे पर ताजे साफ और ठंडे पानी से धोये। गुलाब जल में तरबूज का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर गलो आता है और साथ मे नमी बनी रहती है और गर्मी तरबूज़ बहुत आसानी से मील जाते है।

एक चम्मच नींबू का रस और मलाई मिलाकर लगाकर आधे घंटे बाद चेहरा से ताजे साफ पानी से धो लीजिए इससे हर रोज चेहरे पर लगाइए गर्मी में बहुत ही उपयोगी प्रयोग है।

गर्मी की किरणों के झुलसी त्वचा के कारण कच्चे दूध का इस्तेमाल बहुत अच्छा है जो त्वचा को केवल राहत ही नहीं बल्कि कोमल और स्किन को गोरा करने में भी मदद करता है जिससे हमारी त्वचा की रंगत में निखार आ जाता है।

मुट्ठी भर मक्की के आटे को पीसकर आधा कप दुघ में में मिलाकर लगा कर रखे। कुछ देर बाद तक पानी से मुह रगडकर धोये सारी मरी हुई त्वचा बाहर आ जायेगी। यह एक तलह का घेरेलू scraab है।

आलू का रस निकालकर आप थोड़ा सा बेसन मिलाकर उसको भी आप गर्मी में लगा सकते हो जो हमारी त्वचा के लिए बलीच का काम करता है,और फिर से ग्लो आने लग जाता है। यह बहुत ही ही अच्छा और ससते उपाय है जिनमे खर्च कम और नुक्सान कुछ भी नही।